मेरा परिचय

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Delhi, India
प्रिय उत्तरांचली मित्रो, आप सभी को मेरा आदर युक्त सादर सेवा भाविक नमस्कार,| मेरा नाम विजय सिंह बुटोला है | मैं मूल रूप से टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड का निवासी हूँ | वर्तमान समय में मैं परिवार सहित दिल्ली में रहता हूँ | आज इन्टरनेट के मध्यम से हम सभी उत्तराखंडी एक दुसरे के साथ जुड़े हुए है तथा किसी न किसी रूप में उत्तराखंड की विभिन्न समाज सेवी संस्थाओ के द्वारा हम सभी वहा के जन-समुदाय के लिए अपने अपने सामर्थ अनुसार जुड़े हुए है | जिन्होंने अपने सतत प्रयासों द्वारा दुनिया भर में बसे उत्तराखंडियों को इंटरनेट के मध्यम से जोड़ा हुआ है , जहाँ हम सभी सफलतापूर्वक अपनी क्षमता और संसाधनों का विभिन्न रूपों में उत्तराखंड राज्य तथा उसके निवासियों के विकास के लिए उपयोग करते हैं |यह वास्तव में एक उत्कृष्ठ व सराहनीय प्रयास है| एक उत्तराखंडी होने के नाते मैं आप सभी से आशावान हूँ कि आपके दृढ-निश्चय और लगनशीलता से किए गए प्रयासों से ही हमारा उत्तराखंड निश्चय ही एक सम्रध व विकसित राज्य बन सकेगा |

Friday, January 16, 2009

तीसरा कैरियर गाइडेंस कैम्प मानिला, अल्मोडा (उत्तराखंड)

यंग उत्तराखंड द्वारा आयोजित तीसरा कैरियर गाइडेंस कैम्प मानिला, अल्मोडा (उत्तराखंड)

यंग उत्तराखंड द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2009 को राजकीय इंटर कालेज मानिला , अल्मोडा (उत्तराखंड) में एक दिवसीय कैरियर गाइडेंस कैम्प का आयोजन किया गया यंग उत्तराखंड द्वारा आयोजित यह तीसरा कैरियर गाइडेंस कैम्प था इस कैम्प का मुख्य उद्देश्य कक्षा ग्यारहवी व बारहवी के विद्यार्थियों के स्कूली शिक्षा उतीर्ण करने के उपरान्त रोजगार प्राप्त करने व रोजगार के विभिन्न क्षेत्रो के बारे में जानकारी प्रदान करना था

दिनांक 10 जनवरी 2009 को यंग उत्तराखंड के सदस्यों की टीम दिल्ली से राजकीय इंटर कालेज मानिला, अल्मोडा के लिए रवाना हुई यंग उत्तराखंड की ओर से इस कैम्प में जाने वाले सदस्य इस प्रकार थे: (1) श्री पुर्नेंदु सिंह चौहान (2) श्री ज्योति संग (3) श्री विवेक पटवाल (4) श्री विजय सिंह बुटोला (5) श्री नीरज बवाड़ी
कैम्प लिए टीम का दिल्ली से प्रस्थान : सबसे पहले कैम्प में जाने वाली गाड़ी ने श्री ज्योति संग व श्री नीरज बवाड़ी को फरीदाबाद से लिया और फिर रात 8।45 पर श्री पुर्नेंदु सिंह चौहान के घर पर उन्हें व श्री विजय बुटोला को लेने पहुची इंदिरापुरम से गाड़ी ने श्री विवेक पटवाल को लिया और इस प्रकार यंग उत्तराखंड के 5 सदस्यों की टीम मानिला के लिए रवाना हुई

टीम
का उत्तराखंड में प्रवेश
: अगले दिन (11-01-2009) रात तीन बजे हम रामनगर पहुचे जलपान आदि करने के बाद सभी सदस्य अपनी शेष यात्रा पुरी करने के लिए चल पड़े विश्व विख्यात जिम कोर्बेट वन्य जीव अभ्यारण से होते हुए हम प्रात: चार बजे मर्चुला पहुचे रास्ते में हम सभी जिम कोर्बेट वन्य जीव अभ्यारण के समीप स्तिथ माता गिरिजा देवी के दर्शनों के लिए गए किंतु मन्दिर के द्वार बंद होने की वजह से हम दर्शन नही कर सके और हमने यह निर्णय लिया की वापसी के समय हम दर्शन करने आएंगे

टीम
का मानिला में प्रवेश
: मर्चुला से मौलेखाल, पिपोला, बांगीधर और डोटियाल होते हुए सुबह 6 बजे टीम मानिला में श्री नीरज बवाड़ी जी के घर पहुची श्री ज्योति संग जी के रहने व खाने की व्यस्था श्री नीरज बवाड़ी जी के घर पर थी श्री पुर्नेंदु चौहान व श्री विजय सिंह बुटोला के रहने व खाने की व्यस्था श्री विवेक पटवाल जी के घर पर थी बाकी सदस्य श्री विवेक पटवाल जी के घर सुबह 7 बजे पहुचे नित्य कर्म से निवृत हो कर हम सभी ने नाश्ता किया और फिर अगले दिन होने वाले कैम्प की तैयारियों में जुट गए

टीम
का मानिला में भ्रमण
: टीम के सभी सदस्यों के दोपहर के भोजन की व्यस्था श्री नीरज बवाड़ी जी के घर पर ही थी हम दोपहर एक बजे श्री बवाड़ी जी के घर पहुचे और भोजन के उपरांत हम सभी मानिला देवी के शक्तिपीठ मल्ला मानिला पहुचे मल्ला मानिला के इस शक्तिपीठ के निर्माण से एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है कहा जाता है की एक समय कुछ चोर माता के मन्दिर से उनकी अष्ट धातु की प्रतिमा चुराने गए पूरी प्रतिमा तो वे नही चुरा पाए परन्तु देवी का एक हाथ वे चुरा कर ले गए बहुत दूर चलने के बाद वे थक गए जब वे विश्राम करके उठे तो वे देवी के उस हाथ को नही उठा सके ,तब तक भोर हो चुकी थी किसी को पता चलने के डर से वे उसे वही छोड़ कर भाग गए बाद में स्थानीय लोगो ने वह पर माता मानिला के मन्दिर की स्थापना की , आज यह शक्तिपीठ मल्ला मनीला के नाम से जाना जाता है माता मानिला का प्राचीन शक्तिपीठ तल्ला मनीला नामक गाँव में है जिसे तल्ला मानिला माता शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है यह मल्ला मानिला माता शक्तिपीठ से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है देवदार, चीड बाँज व बुरांस के जंगलो के बीच यह मन्दिर वास्तव में अनुपम है अनेको बुगयालो के बीच यह शक्तिपीठ देख कर आत्मा को चिर आनंद की अनुभूति होती है तथा माता के दर्शन पा कर भक्तगण मन की शान्ति व आशीष पाने का अनुभव करते है
माता मानिला के दोनी शक्तिपीठो के दर्शन कर श्री चौहान जी ,श्री पटवाल जी व श्री बुटोला जी राजकीय इंटर कालेज के प्राचार्य जी से अगले दिन होने वाले कैम्प के सिलसिले में मिलने गए प्राचार्य श्री जे। गौतम अवकाश पर थे तो हमने कार्यवाहक प्राचार्य श्री बी। एस. रावत जी से अगले दिन होने वाले कार्यक्रम की चर्चा की व उनको कैम्प में की जाने वाली तैयारियों व गतिविधियों के बारे में जानकारी दी शाम सात बजे हम श्री पटवाल जी के घर पर आ गए और रात्रि का भोजन कर हम सो गए
कैम्प
की कार्यवाही का आरम्भ
: अगले दिन (12-01-2009) सुबह 9 बजे हम राजकीय इंटर कालेज मानिला पहुच गए ड्राइवर को हमें श्री संग जी व श्री बवाड़ी जी के घर लेने भेज दिया सुबह दस बजे विद्यालय शुरू हुआ कार्यवाहक प्राचार्य श्री बी. एस. रावत जी से मुलाकात कर हमने उन्हें समस्त कार्यक्रम से पुनः अवगत करवाया कैम्प के दिन विद्यालय में फीस जमा करवाने का दिन था इस प्रकार यह ठीक बारह बजे आरम्भ हुआ इस कैम्प में १०२ विद्यार्थियों ने भाग लिया
टीम के सदस्यों द्वारा विद्यार्थियों को संबोधन : कैम्प की शुरुआत में श्री ज्योति संग जी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया श्री ज्योति संग जी एक विद्वान ,लेखक, चिन्तक ,कवि, पत्रकार व कई भाषाओ के ज्ञाता है श्री संग जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में दक्षता हासिल करनी चाहिए तथा भविष्य के प्रति सचेत रहना चाहिए । उन्होंने प्रतिभागियों को सूचित करते हुए कहा कि शिक्षार्थियों को विविध क्षेत्रों में अपने ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने का प्रयास करना चाहिए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कंप्यूटर, पत्रकारिता व अपनी रूचि विशेष समर्थित रोजगारों की खोज करनी चाहिए तथा इस दिशा में हर सम्भव प्रयास करना चाहिए । उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में फ्रेंच ,जर्मन और अन्य विदेशी भाषाओ को जानने वाले पेशेवरों की काफी कमी है जबकि हमारे देश व अन्य देशों में ऐसे रोजगारों की भरमार है ।
इसके बाद श्री नीरज बवाड़ी ने सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रशासनिक सेवाओ में रोजगार के लिए क्या-क्या तैयारिया और प्रयास करना चाहिए
विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन : श्री ज्योति संग व श्री नीरज बवाड़ी के संबोधन के बाद एक सामान्य ज्ञान व रोजगारोंन्मुख विषयों से सम्बंधित प्रश्नों पर आधारित एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इस प्रतियोगिता में सभी १०२ छात्र-छात्राओ ने भाग लिया
प्रतियोगिता में पुरुस्कार पाने वाले विद्यार्थी इस प्रकर से थे:
1. दीपक गहतोड़ी (कक्षा XII-B)(प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया) (४००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)

2. रजनीकांत नैनवाल (कक्षा XII-B ) (प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया) (४००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)
3. रोहित बवाड़ी (कक्षा XII-B ) (प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया) (४००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)
4. प्रकाश चंद लाखचौरा (कक्षा XII-B ) (प्रतियोगिता में चतुर्थ स्थान प्राप्त किया) (३००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)
5. कुमारी अंशु सिंह (कक्षा XII-B ) (प्रतियोगिता में पंचम स्थान प्राप्त किया) (३००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)
6. धर्मेश गहतोड़ी (कक्षा XII-B ) (प्रतियोगिता में षष्टम स्थान प्राप्त किया) (३००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)

7. नवीन गहतोड़ी (कक्षा XII-B ) (प्रतियोगिता में सप्तम स्थान प्राप्त किया) (३००/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया)
नकद पुरस्कार, प्रमाण-पत्र व स्मृति चिन्ह वितरण समारोह :इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितया व तृतीय श्रेणी पाने वाले हर छात्र को यंग उत्तराखंड कि ओर से एक स्मृति चिन्ह, एक प्रमाण पत्र और चार सौ रूपये की नकद पुरस्कार दी गई इस प्रतियोगिता में चार अन्य विद्यार्थियों को सान्तवना पुरस्कार स्वरुप एक प्रमाण-पत्र और चारों को तीन सौ रूपये का नकद पुरस्कार दिया गया इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी विद्यार्थियों को उत्साहवर्धन स्वरुप एक-एक प्रमाण पत्र दिया गया

इसके बाद श्री पुर्नेंदु सिंह चौहान जी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया उन्होंने विद्यार्थियों को बताया की को सरकारी नौकरी कैसे प्राप्त करे व कैसे इसकी तैयारिया करे
कैम्प का समापन और वापसी : श्री ज्योति संग द्वारा विद्यार्थियों में लड्डू व बिस्किट वितरित किए गए इस यंग उत्तराखंड द्वारा एक और सफल कैम्प का आयोजन संपन्न हुआ 12-01-2009 शाम को यंग उत्तराखंड की टीम दिल्ली के लिए वापसी का सफर तय करने के लिए मानिला से रवाना हुई रास्ते में रामनगर के समीप माता गिरिजा देवी के शक्तिपीठ के दर्शनों को आतुर टीम के सभी सदस्यों ने इस शक्तिपीठ में जाकर माता का दर्शन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया रास्ते में रामनगर बाजार में रात 8 बजे रात्रि भोज करने के उपरांत के सभी सदस्य अपनी शेष यात्रा के लिए चल पड़े
टीम का दिल्ली आगमन : गाड़ी ने श्री विवेक जी को उनके इंदिरापुरम स्थित आवास पर रात 2.:30 पर छोड़ा और शेष टीम रात्रि 3 बजे दिल्ली पहुची वंहा से श्री ज्योति संग व श्री नीरज बवाड़ी को फरीदाबाद स्थित आवास पर छोड़ते हुए नेताजीनगर में श्री पुर्नेंदु चौहान को प्रात: 4 बजे उनके आवास पर छोड़ा तथा बाद में श्री विजय बुटोला को नांगलोई स्थित उनके आवास पर प्रात: 4:30 पर छोड़ा श्री विजय बुटोला ने ड्राईवर को गाड़ी के किराये का भुगतान किया और ड्राईवर को विदा किया
इस प्रकार यंग उत्तराखंड द्वारा आयोजित यह तीसरा कैरियर गाइडेंस कैम्प का सफल समापन किया यंग उत्तराखंड इस कैम्प में भाग लेने वाले सभी सदस्यों का आभार प्रकट करती है जिन्होंने अपना अमूल्य समय निकल कर इस कैम्प के सफल समापन में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया यंग उत्तराखंड उन सभी अन्य साथियो का भी आभार प्रकट करती है जो कि प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से इस जन-कल्याण कार्यक्रम में सहभागी बने


भवदीय,

विजय सिंह बुटोला
पब्लिक रिलेशन ऑफिसर
यंग उत्तराखंड (पंजीकृत)

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